लखनऊ, 15 मई 2026:
मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने और लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन की तरफ आकर्षित करने के लिए सरकार ने लखनऊ, कानपुर और आगरा में बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच आसान बनाने के लिए नई पार्किंग, फीडर रूट, शटल बस और ऐप आधारित सेवाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मेट्रो और सिटी ट्रांसपोर्ट के बीच बेहतर तालमेल, अंतिम मील कनेक्टिविटी और यात्रियों को ज्यादा सुविधाएं देने पर फोकस रखा गया। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में लखनऊ में करीब 71, कानपुर में 24 और आगरा में 19 नए पार्किंग स्थलों को अंतिम रूप दिया गया। इन स्थलों के लिए नगर निगम ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने से लोग अपने वाहन सुरक्षित खड़े कर मेट्रो से सफर करना पसंद करेंगे।

मेट्रो स्टेशनों तक आने-जाने को आसान बनाने के लिए नए ऑटो और टेंपो सर्कुलर रूट भी तय किए गए हैं। लखनऊ में 29, कानपुर में 50 और आगरा में 27 नए रूटों को मंजूरी दी गई है। इन मार्गों पर नए स्टॉप भी बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी न हो।
सरकारी कॉलोनियों और प्रमुख कार्यालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए चरणबद्ध तरीके से शटल बस सेवा शुरू करने पर भी सहमति बनी। इससे सरकारी कर्मचारियों के साथ आम लोगों को भी फायदा मिलेगा।
बैठक में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया। सोशल मीडिया, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और दूसरे माध्यमों के जरिए लोगों को मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि मेट्रो को ज्यादा उपयोगी और सुविधाजनक बनाने के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि यूटीयू मोबिलिटी जैसे ऐप आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए यह व्यवस्था और बेहतर की जाएगी। इसके अलावा ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के साथ पहले से समन्वय किया जा रहा है।






