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उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में संभला बाजार : IT शेयरों की खरीदारी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में लौटे

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी लाल निशान में गए थे फिसल, कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही

बिजनेस डेस्क, 17 फरवरी 2026:

भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को दबाव के साथ खुला लेकिन दिन चढ़ते-चढ़ते निवेशकों का मूड सुधरता दिखा। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी लाल निशान में फिसल गए थे। सेंसेक्स करीब 289 अंक टूटकर 82,987 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 112 अंकों की गिरावट के साथ 25,570 के स्तर तक आ गया। हालांकि, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में आई चुनिंदा खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया और दोनों बेंचमार्क सूचकांक कुछ ही देर में हरे निशान में लौट आए।

कारोबार के दौरान आई रिकवरी में ब्लू-चिप शेयरों की अहम भूमिका रही। इंफोसिस और आईटीसी में खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इनके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सन फार्मास्यूटिकल्स, इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो जैसे दिग्गज शेयरों में तेजी देखने को मिली। नतीजतन दोपहर से पहले तक सेंसेक्स बढ़त के साथ 83,393 के पास और निफ्टी 25,695 के आसपास कारोबार करता नजर आया।

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दूसरी ओर बैंकिंग और धातु शेयरों में दबाव बना रहा। इटरनल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयर पिछड़ते दिखे। जानकारों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद मुनाफा वसूली और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत भी घरेलू बाजार पर असर डालते दिखे। जापान का निक्केई 225 करीब 1 प्रतिशत फिसलकर कारोबार कर रहा था जबकि चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। अमेरिका में राष्ट्रपति दिवस के चलते सोमवार को बाजार बंद रहे जिससे वैश्विक निवेश धारणा पर हल्का असर दिखा।

कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 0.41 प्रतिशत गिरकर 68.37 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आम तौर पर भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम होता है।

निवेश प्रवाह के मोर्चे पर तस्वीर दिलचस्प रही। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बीते सत्र में करीब 972 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगभग 1,667 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सपोर्ट दे रही है और उतार-चढ़ाव के बीच यह संतुलन बनाए रखने में मदद कर रही है।

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