लखनऊ, 1 मई 2026:
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश में आउटसोर्सिंग, दैनिक वेतन प्रणाली और हायर एंड फायर जैसी व्यवस्था ने मजदूरों की नौकरी को अस्थिर बना दिया है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा इन व्यवस्थाओं की वजह से मेहनतकश तबके को लगातार रोजगार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर उनके परिवार पर पड़ता है, जिसमें बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें तक प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश के विकास में मजदूरों का बड़ा योगदान है, लेकिन इसके बावजूद उनकी हालत में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं दिखता। नौकरी की सुरक्षा कमजोर होने से उनका भविष्य भी असमंजस में नजर आता है। महिला श्रमिकों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
मायावती ने अपने बयान में डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने श्रमिक वर्ग के बेहतर जीवन के लिए काम किया था, लेकिन मौजूदा हालात उस दिशा से भटकते दिख रहे हैं। उन्होंने मजदूर दिवस पर सभी श्रमिकों को बधाई देते हुए सरकारों से रोजगार में स्थिरता और श्रमिकों की सम्मानजनक हालात सुनिश्चित करने की बात कही।






