लखनऊ, 15 जनवरी 2026:
राजधानी लखनऊ स्थित बसपा मुख्यालय में पार्टी प्रमुख मायावती ने अपना 70वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए आगामी चुनावों को लेकर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि बसपा अब किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और चुनाव अकेले ही लड़ेगी।
इस दौरान उन्होंने अपनी ब्लू बुक ‘मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट’ भाग 21 का विमोचन भी किया। साथ ही कांग्रेस, सपा और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
गठबंधन से फायदा नहीं, नुकसान ज्यादा
मायावती ने कहा कि गठबंधन में चुनाव लड़ने का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। इससे बसपा को नुकसान होता है, जबकि दूसरी पार्टियों को फायदा मिल जाता है। बसपा के दलित वोटर सहयोगी दलों को वोट देते हैं, लेकिन उनके वोट बसपा को नहीं मिलते। इसी वजह से सब पार्टियां गठबंधन चाहती हैं। उन्होंने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बसपा अकेले चुनाव लड़ेगी। इस बात को लेकर किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

जातिवादी सोच बदलेगी तो सोचेंगे गठबंधन पर
मायावती ने कहा कि जब जातिवादी पार्टियां अपनी सोच बदलेंगी और ऊंची जातियों का वोट बसपा को दिला पाएंगी, तब ही गठबंधन पर विचार किया जाएगा। इसमें समय लगेगा, क्योंकि मानसिकता बदलने में सालों लगते हैं।
भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस हर तरह के हथकंडे अपनाकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। इसका जवाब देना जरूरी है। पार्टी को देशभर में मजबूत करना है और यूपी में सत्ता में लाना है। उन्होंने कहा कि अगर पहले केंद्र सरकार ने साथ दिया होता तो यूपी में एक्सप्रेस-वे और हाईवे उनके कार्यकाल में ही पूरे हो जाते। इस बार चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

कागज पर नहीं, जमीन पर उतरी योजनाएं
मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने योजनाओं को सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर लागू किया। आज दूसरी सरकारें उनकी योजनाओं की नकल कर रही हैं, लेकिन नीयत ठीक न होने से जनता को पूरा फायदा नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में महात्मा ज्योतिबा फूले, नारायण गुरु, छत्रपति साहू जी महाराज, बाबा साहब अंबेडकर और कांशी राम को पूरा सम्मान मिला।
दलितों के सम्मान के लिए जीवन समर्पित
मायावती ने कहा कि उन्होंने सदियों से उपेक्षित दलित समाज को मान-सम्मान और पहचान दिलाई। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। जब तक जिंदा रहेंगी, दलितों के हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
गेस्ट हाउस कांड याद किया, सपा पर लगाए आरोप
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में किसी के मंदिर, मस्जिद या चर्च को नुकसान नहीं हुआ। जबकि सपा सरकार में गुंडाराज रहा। यादव समाज के अलावा बाकी जातियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया गया। मुस्लिम समाज भी सपा सरकार में उपेक्षित रहा।
बैठक की याद दिलाकर की ब्राह्मण समाज से अपील
मायावती ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई। बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान और भागीदारी दी है। कभी उनके साथ अन्याय नहीं किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को चोखा-बाटी नहीं, बल्कि सम्मान और रोज़गार चाहिए। उन्हें कांग्रेस, भाजपा और सपा के बहकावे में नहीं आना चाहिए।






