मेरठ, 4 अप्रैल 2026:
दौराला कस्बे में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार रात करीब आठ बजे तीनों ने देसी शराब पी थी, जिसके थोड़ी देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें टोल प्लाजा के पास एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि तीसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान बाबूराम प्रजापति (55), अंकित (45) और जितेंद्र (50) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंकित और जितेंद्र ने सरधना रोड स्थित ठेके से देसी शराब का टेट्रा पैक खरीदा था और फिर बाबूराम के स्पेलर पर जाकर साथ मिलकर पी। कुछ ही देर में तीनों की तबीयत बिगड़ गई। तीनों बदहवास हो गए उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
डीएम के आदेश पर देसी शराब का ठेका सील कर दिया गया है। ठेका भाकियू नेता मिंटू अहलावत के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर है। पुलिस ने जयपाल और दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालात की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने कस्बे के मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर मुनादी कराई। लोगों से कहा गया कि फिलहाल किसी भी ठेके से शराब न खरीदें और अगर पहले से खरीदी है तो उसका सेवन न करें।
इस ऐलान के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे तक जांच की। अधिकारियों ने उस जगह का भी निरीक्षण किया जहां शराब पी गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठेके से नौ पेटी शराब की बिक्री हुई थी, अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह शराब किन-किन जगहों तक पहुंची। जांच में तीन बिंदुओं पर खास फोकस रखा गया है। शराब की सप्लाई कहां से आई, उसमें मिलावट कहां हुई और निगरानी में चूक कहां रही। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
ग्रामीणों ने इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि इलाके में अवैध शराब की शिकायतें पहले भी दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि इस बार सिर्फ कागजी कार्रवाई न हो, बल्कि अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगे। फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। वहीं प्रशासन ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।






