न्यूज डेस्क, 8 जून 2026:
मिडिल ईस्ट एक बार फिर युद्ध की आग में झुलस उठा है। अप्रैल में हुए सीजफायर के महज दो महीने बाद ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष दोबारा भड़क गया है। रविवार रात ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। हालात को देखते हुए भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद भारतीयों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि मिसाइल हमला लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजराइली हमलों के जवाब में किया गया। हमलों के बाद इजराइल के कई शहरों में सायरन गूंज उठे और लोगों को सुरक्षित बंकरों व आश्रय स्थलों में भेजा गया। ईरानी हमले के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
इजराइली सेना के अनुसार पश्चिमी और मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने राजधानी तेहरान, तबरीज और इस्फहान में जोरदार विस्फोटों की खबर दी है। आईआरजीसी का दावा है कि इजराइल ने इन हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने तेहरान स्थित इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस बंद कर दिया है। वहीं इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया है। इससे पूरे क्षेत्र में हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बड़े पैमाने पर जवाबी हमले से बचने की अपील की थी। इसके बावजूद इजराइल ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की। इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बने दो ईरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं।
उधर परमाणु वार्ता को लेकर भी तनाव बरकरार है। ईरान ने अमेरिका पर बार-बार रुख बदलने का आरोप लगाते हुए यूरेनियम संवर्धन के अधिकार और विदेशों में फ्रीज अरबों डॉलर की संपत्तियां जारी करने की मांग दोहराई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां रह रहे लोगों से उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।






