लखनऊ, 11 अप्रैल 2026:
मुद्रा लोन योजना में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के घोटाले में यूपी एसटीएफ ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। नितिन पर लखनऊ की कल्यानपुर शाखा में तैनाती के दौरान 100 से अधिक लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन पास कराने का आरोप है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह के अनुसार नितिन चौधरी मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है। वह वर्तमान में दिल्ली की वसंत विहार शाखा में क्रेडिट मैनेजर के पद पर तैनात था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मेट्रो कार्ड और नकदी बरामद की गई है। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है।
जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह था जिसमें लखनऊ में बैंक कर्मियों के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग भी शामिल थे। गिरोह लोगों के आधार और पैन कार्ड हासिल कर उनकी फोटो एडिट कर देता था और उनकी जगह दूसरे व्यक्तियों की तस्वीर लगाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बाद फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम पर लोन पास कराया जाता था।
लोन की राशि सीधे गिरोह द्वारा बनाए गए फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। उसे बाद में आपस में बांट लिया जाता था।
पूछताछ में नितिन ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में नावेद और आमिर एहसन समेत कई लोग सक्रिय थे। ये फर्जी फर्म बनाकर इस घोटाले को अंजाम देते थे। इस मामले में एसटीएफ पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 13 सितंबर 2025 को एक अन्य ब्रांच मैनेजर गौरव समेत चार लोगों और 15 फरवरी 2026 को मास्टरमाइंड आमिर एहसन को जेल भेजा जा चुका है।
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब लखनऊ निवासी राज बहादुर गुरुंग ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनसे बिजनेस लोन दिलाने के नाम पर दस्तखत कराए गए लेकिन बाद में लोन न होने की बात कही गई। कुछ महीनों बाद जब उनके मोबाइल पर ईएमआई का मैसेज आया, तब सच्चाई सामने आई। फिलहाल एसटीएफ पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है। इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की जांच जारी है।
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