लखनऊ, 1 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के आईटी सिटी क्षेत्र में नौसेना शौर्य संग्रहालय तेजी से आकार ले रहा है। इसका करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह परियोजना भारतीय नौसेना की ताकत, शौर्य और गौरव का भव्य प्रतीक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। खास बात यह है कि संग्रहालय को जहाज के स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इससे यहां आने वाले लोगों को वास्तविक नौसैनिक अनुभव मिल सकेगा।
संग्रहालय का डिजाइन नौसैनिक वास्तुकला से प्रेरित है। इसमें पोर्थोल स्टाइल खिड़कियां, जहाज जैसी रेलिंग और आधुनिक नौसेना उपकरणों का समावेश किया जा रहा है। परिसर में विकसित की जा रही नौसेना शौर्य वाटिका भी प्रमुख आकर्षण होगी। इसमें ऐतिहासिक टीयू-142एम विमान और सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा आईएनएस गोमती से जुड़े मिसाइल, टॉरपीडो, गन और पनडुब्बी रोधी उपकरण भी यहां प्रदर्शित किए जाएंगे।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह संग्रहालय प्रदेश के साथ ही पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा। उनका कहना है कि यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के जरिए नौसेना के युद्धक इतिहास, रणनीतियों और प्रमुख अभियानों को इंटरएक्टिव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
आगंतुकों के अनुभव को खास बनाने के लिए यहां एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग और वॉरशिप सिम्युलेटर, 7D थिएटर, डिजिटल वॉटर स्क्रीन शो, सबमर्ज्ड द्वारका का मॉडल और मरीन लाइफ एक्वेरियम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही ड्रेस लाइक योर हीरोज जैसी गतिविधियां भी होंगी। इससे बच्चे और युवा नौसेना के जीवन को करीब से महसूस कर सकेंगे।
संग्रहालय परिसर में एक विशेष स्मृति उद्यान भी बनाया जा रहा है। यह वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का शांत और प्रेरणादायक स्थल होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस उद्यान में आगंतुक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को नमन कर सकेंगे।

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का तेजी से विकास हो रहा है। इकाना स्टेडियम के पास सीजी सिटी में बन रहा यह संग्रहालय उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह देश का अपनी तरह का पहला संग्रहालय होगा जहां रिटायर्ड युद्धपोतों और उनसे जुड़े उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके साथ ही शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए दुर्लभ दस्तावेजों तक पहुंच, कार्यशालाएं और व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। नौसेना शौर्य संग्रहालय आने वाले समय में लखनऊ की नई पहचान बनकर उभरेगा और देशभर से पर्यटकों को आकर्षित करेगा।






