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कैबिनेट की मंजूरी पर लागू हुई नई एसओपी…जीसीसी इकाइयों को जमीन पर मिलेगी सब्सिडी

प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग दर से सब्सिडी मिलेगी, ताकि निवेश को संतुलित तरीके से बढ़ाया जा सके

लखनऊ, 9 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब पात्र कंपनियों को जमीन खरीदने पर फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी दी जाएगी। यह फैसला हाल ही में कैबिनेट से मंजूर की गई एसओपी के तहत लिया गया है।
नई नीति के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग दर से सब्सिडी मिलेगी, ताकि निवेश को संतुलित तरीके से बढ़ाया जा सके।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड को मिलेगा ज्यादा फायदा

सरकार की योजना के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में बनने वाली जीसीसी इकाइयों को 30 प्रतिशत भूमि सब्सिडी दी जाएगी। पश्चिमांचल के अन्य जिलों और मध्यांचल में यह सब्सिडी 40 प्रतिशत होगी। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश को रफ्तार देने के लिए 50 प्रतिशत तक जमीन पर सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे इन पिछड़े इलाकों में उद्योग, रोजगार और विकास को नया सहारा मिलेगा।

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यह सब्सिडी सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगी जो औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विकास प्राधिकरण, नगर निकाय या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से जमीन लेंगी। जो इकाइयां किराये की इमारत या को-वर्किंग स्पेस में काम करेंगी, उन्हें इस योजना का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

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तय वक्त में प्रोजेक्ट पूरा करना जरूरी

सरकार ने साफ कर दिया है कि सब्सिडी लेने के बाद परियोजना तय समय सीमा में पूरी करनी होगी। जब तक काम पूरा नहीं होगा या व्यावसायिक संचालन शुरू नहीं होगा, तब तक जमीन संबंधित सरकारी संस्था के पास मॉर्टगेज रहेगी। अगर कंपनी तय वक्त में प्रोजेक्ट पूरा नहीं करती है, तो दी गई सब्सिडी की रकम 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ वापस ली जाएगी।

निवेश और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

सरकार का मानना है कि इस नीति से प्रदेश में जीसीसी इकाइयों की संख्या बढ़ेगी। आईटी और सेवा क्षेत्र में विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। खास तौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे इलाकों में निवेश बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर है।

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