लखनऊ, 21 अप्रैल 2026:
आधी आबादी को उसका अधिकार दिलाने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद मैदान में उतर रहे हैं। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में आज राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन की अगुवाई स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। इस दौरान पूरा मंत्रिमंडल उनके साथ मौजूद रहेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत लखनऊ से होगी। सरकार की रणनीति है कि महिला आरक्षण को आधी आबादी का अधिकार के रूप में स्थापित करते हुए विपक्ष को सीधे जनता के बीच घेरा जाए।
इस अभियान के तहत ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर इसे जनांदोलन का स्वरूप देने की तैयारी है। सरकार का फोकस गांव से लेकर शहर तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने पर रहेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ इस दौरान स्पष्ट संदेश देंगे कि महिला सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। रैलियों, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष के रुख को जनता के सामने रखा जाएगा। यह बताया जाएगा कि किन राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या टालमटोल का रवैया अपनाया।
इसके साथ ही घर-घर संपर्क अभियान चलाकर महिलाओं तक सीधे पहुंचने की योजना है। यह अभियान केवल राजनीतिक नही बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है। इसमें महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और सशक्तीकरण को केंद्र में रखा गया है।






