लखनऊ, 23 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों को विकास का केंद्र बनाया जा रहा है। सरकार स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के जरिए महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल सके।
दो लाख परिवारों को जोड़ने की तैयारी
इस योजना के तहत पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक और अंत्योदय कार्डधारकों के करीब दो लाख लाभार्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा वीबी जीरामजी कार्डधारकों और जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित 6.67 लाख परिवारों की महिलाओं को भी समूहों से जोड़ने का अभियान तेज किया गया है।
महिलाओं को मिलेंगी अहम जिम्मेदारियां
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को समूह सखी, बैंक सखी, ड्रोन सखी और आजीविका सखी जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी जाएंगी। इससे एक ओर महिलाओं की आय के नए साधन खुलेंगे, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर ढंग से पहुंच सकेगा।
आसान शर्तों पर मिलेगा ऋण
ग्रामीण महिलाओं को जरूरत के अनुसार ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे आसान किस्तों में चुकाने की छूट होगी। इससे महिलाएं बिना आर्थिक दबाव के स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए मेगा अभियान चलाया जाएगा।
सशक्त गांव से सशक्त प्रदेश की नींव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को सही मूल्य मिल सके। योगी सरकार का मानना है कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, सशक्त गांव और सशक्त उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला है। यह पहल ग्रामीण विकास के साथ विकसित यूपी के लक्ष्य को नई दिशा देगी।





