लखनऊ, 5 मार्च 2026:
यूपी में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य एक सशक्त आर्थिक मॉडल की ओर अग्रसर है। इस बदलाव की बुनियाद सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) बनी है। यह पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित करने के साथ युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित भी कर रही है।
इसी कड़ी में इटावा जिले के रामगंज निवासी जैनुल आबदीन की सफलता की कहानी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। जैनुल ने जिला उद्योग केंद्र से ओडीओपी योजना की जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2025 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने सपनों को साकार किया। इस वित्तीय सहायता के बल पर उन्होंने फैशन एवं टेक्सटाइल यूनिट की स्थापना की जहां मैक्सी और कुर्ती जैसे परिधानों का निर्माण ऑर्डर के अनुसार किया जाता है।
जैनुल आबदीन की यह यूनिट आज सफलतापूर्वक संचालित होने के साथ उन्हें हर महीने लगभग 50 हजार रुपये की शुद्ध आय भी दे रही है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से 4 से 6 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिला है।
ओडीओपी योजना का मुख्य उद्देश्य हर जिले की विशिष्ट उत्पाद पहचान को बढ़ावा देना और उसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना है। इस योजना के तहत युवाओं को आसान ऋण, प्रशिक्षण और विपणन जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही परियोजना लागत के आधार पर ₹6.25 लाख से ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता भी दी जाती है। इससे उद्यम शुरू करना और भी सरल हो गया है।
जैनुल जैसे युवा इस योजना की सफलता के प्रतीक बनकर उभरे हैं। उन्होंने साबित किया है कि यदि सही दिशा और सहयोग मिले तो छोटे शहरों और गांवों के युवा भी बड़े सपने साकार कर सकते हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
ओडीओपी योजना इस दिशा में एक मजबूत माध्यम साबित हो रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आ रहे जहां युवा इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। वे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।






