Lucknow City

‘गांव की सरकार’ के लिए सड़क पर संग्राम, पंचायत प्रतिनिधियों ने घेरा डिप्टी सीएम का आवास

बारिश में भी नहीं थमा प्रदर्शन, दो घंटे तक गूंजे नारे- पंचायत चुनाव जल्द करवाओ, बोले प्रतिनिधि- लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन होगा और तेज

लखनऊ, 7 सितंबर 2026:

पंचायत चुनाव की तारीख का इंतजार कर रहे प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधियों का गुस्सा सोमवार को राजधानी लखनऊ में सड़क पर उतर आया। बारिश के बीच ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायत अधिकार संघ के बैनर तले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव कर सरकार से जल्द त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने की मांग की। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में प्रतिनिधियों ने जमकर नारेबाजी की और साफ चेतावनी दी कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

‘गांव की सरकार नहीं तो विधानसभा की सरकार नहीं’

प्रदर्शनकारियों के हाथों में पंचायत चुनाव कराने की मांग थी और जुबान पर नारे… ‘गांव की सरकार नहीं तो विधानसभा की सरकार नहीं’ और ‘पंचायत चुनाव जल्द करवाओ’। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि गांवों की जनता और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशी लंबे समय से तारीख का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।

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प्रतिनिधियों के मुताबिक ग्राम प्रधानों का कार्यकाल गत 26 मई को पूरा हो चुका है। इसके बाद छह महीने का कार्यकाल बढ़ाया गया जिसकी अवधि भी अब समाप्ति की ओर है। ऐसे में उनका कहना है कि सरकार को बिना किसी और देरी के चुनाव कार्यक्रम घोषित करना चाहिए।

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डिप्टी सीएम से हाथ जोड़कर चुनाव की तारीख पूछी

डिप्टी सीएम से मुलाकात का मौका मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने हाथ जोड़कर उनसे चुनाव की तारीख पूछी और जल्द चुनाव कराने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश की करीब 13 करोड़ ग्रामीण आबादी और लगभग 8 लाख संभावित प्रत्याशी चुनाव की घोषणा की राह देख रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव में देरी से गांवों में विकास और स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल लगातार बढ़ रहे हैं।

प्रतापगढ़ से आए एक प्रतिनिधि ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब छह महीने के अतिरिक्त विस्तार की तैयारी कर रही है, जिसे पंचायत प्रतिनिधि स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और सरकार की विदाई के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।

पंचायती राज मंत्री को क्यों बताया ‘फालतू’

अयोध्या से आए एक प्रतिनिधि ने पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 जून से लगातार प्रदर्शन के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहे हैं जबकि चुनाव की तारीख को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। नाराज प्रतिनिधि ने मंत्री को ‘फालतू मंत्री’ तक कह दिया।

उनका आरोप था कि मंत्री के एक बयान के बाद करीब आठ लाख प्रत्याशी चुनावी तैयारी में जुट गए लेकिन अब न तारीख घोषित हो रही है और न ही मंत्री सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब उनका आंदोलन केवल चुनाव की तारीख मांगने तक सीमित नहीं रहेगा। लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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