लखनऊ, 4 फरवरी 2026:
यूपी में वर्षों से लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटन मामलों के समाधान की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक में एक नई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026) लागू करने के निर्देश दिए। इस योजना का उद्देश्य लंबित देयों और विवादित आवंटनों का त्वरित, पारदर्शी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना है।
सीएम ने कहा कि लंबे समय से लंबित भुगतान और कानूनी विवाद न केवल विभागीय योजनाओं की प्रगति को प्रभावित करते हैं बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी समाधान प्रधान व्यवस्था लागू करना चाहती है जिससे विभाग को राजस्व प्राप्त हो और वास्तविक आवंटियों को राहत मिले।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू की गई ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत विवरण रखा गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ओटीएस-2026 को पहले से अधिक व्यावहारिक और जन-केंद्रित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए वहीं किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें। योजना के प्रावधान इस तरह तैयार किए जाएं कि हर वास्तविक आवंटी को स्पष्ट और सरल विकल्प मिलें।
सीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में हो और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल रहे। उन्होंने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता तक सक्रिय रूप से इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। सीएम ने विश्वास जताया कि ओटीएस-2026 लागू होने से हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और राज्य सरकार को भी आवश्यक राजस्व प्राप्त होगा। इससे प्रदेश की विकास गति को और मजबूती मिलेगी।






