न्यूज डेस्क, 10 जून 2026:
भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक नए रिकॉर्ड के नाम दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक देश का नेतृत्व करते हुए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 67 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके साथ ही मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार शासन करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। नेहरू ने चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था।
हालांकि यह रिकॉर्ड केवल प्रधानमंत्री पद पर बने रहने तक सीमित नहीं है। इस दौरान भाजपा और उसके नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का देशभर में हुआ राजनीतिक विस्तार भी अपने आप में एक बड़ी कहानी बन चुका है। मई 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तब भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें केवल सात राज्यों में थीं। इनमें पांच राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गोवा में भाजपा के मुख्यमंत्री थे जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसके सहयोगी दल सत्ता में थे।
उस समय भाजपा और उसके सहयोगी दल देश की लगभग 26 प्रतिशत आबादी पर शासन कर रहे थे। इसके विपरीत उस दौर में कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकारें 14 राज्यों में थीं जहां देश की 37 प्रतिशत से अधिक आबादी निवास करती थी। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्य भी कांग्रेस के प्रभाव वाले प्रदेशों में शामिल थे।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान भाजपा का राजनीतिक विस्तार तेजी से बढ़ा। मार्च 2018 तक स्थिति यह हो गई कि भाजपा और उसके सहयोगी दल 21 राज्यों में सत्ता में पहुंच गए। उस समय देश की लगभग 71 प्रतिशत आबादी ऐसे राज्यों में रहती थी, जहां भाजपा या उसके सहयोगी शासन कर रहे थे। आबादी के लिहाज से यह भाजपा के राजनीतिक प्रभाव का चरम दौर माना जाता है।
इसके बाद कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन हुए, लेकिन भाजपा ने अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर भाजपा ने 27 वर्षों बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापसी की। वहीं, बिहार में एनडीए की सरकार बरकरार रहने से गठबंधन की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई।

वर्तमान समय में भाजपा और उसके सहयोगी दल 20 राज्यों में सत्ता में हैं, जबकि राजनीतिक प्रभाव और शासन के दायरे को देखें तो चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी परिणामों को मिलाकर भाजपा-एनडीए का प्रभाव 21 राज्यों तक पहुंचता है। इन राज्यों का कुल क्षेत्रफल भारत के लगभग 72 प्रतिशत भू-भाग के बराबर है जबकि यहां देश की करीब 76 प्रतिशत आबादी निवास करती है।
भौगोलिक दृष्टि से भाजपा शासित राज्यों में राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है। यह देश के कुल क्षेत्रफल का 10.40 प्रतिशत हिस्सा रखता है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी सबसे छोटा क्षेत्र है जिसका हिस्सा महज 0.01 प्रतिशत है। आबादी के मामले में उत्तर प्रदेश भाजपा शासन वाला सबसे बड़ा राज्य है। यूपी में देश की 16.50 प्रतिशत आबादी रहती है, जबकि पुदुचेरी आबादी के लिहाज से सबसे छोटा क्षेत्र है।
लगातार प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड बनाने के साथ नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। अब नजर 2026 और आगे होने वाले चुनावों पर है जो तय करेंगे कि भाजपा-एनडीए का यह राजनीतिक विस्तार और बढ़ेगा या फिर देश के सियासी नक्शे में कोई नया बदलाव देखने को मिलेगा।






