लखनऊ, 18 मार्च 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उत्तर प्रदेश को देश का उभरता हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर हब बताते हुए कहा कि प्रदेश ने बीते वर्षों में विकास की नई परिभाषा गढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज यूपी के पास देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। सात प्रमुख शहरों लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। मेरठ से दिल्ली के बीच देश की पहली रैपिड रेल का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि वाराणसी में देश का पहला रोपवे निर्माणाधीन है।
सीएम ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक देश का पहला इनलैंड वाटरवे भी यूपी में ही विकसित किया गया है। एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं। उनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं। जेवर में पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 28 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा इसका लोकार्पण किया जा सकता है। योगी ने दावा किया कि जेवर एयरपोर्ट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और एक लाख करोड़ रुपये तक की आय संभव है।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी में हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पूर्ण होते ही यह हिस्सा 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जिला मुख्यालयों को फोरलेन और ब्लॉक-तहसील मुख्यालयों को टू-लेन व फोरलेन सड़कों से जोड़ा गया है।
निवेश के मोर्चे पर भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सीएम योगी ने बताया कि अब तक 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है जबकि 6 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार हैं। प्रदेश में 31 हजार से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हो चुके हैं और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस और जीरो करप्शन की नीति के कारण जापान, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देशों के निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। साथ ही पूर्व की धारणाओं को तोड़ते हुए नोएडा को विकास का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।






