न्यूज डेस्क, 16 मई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह दशक आपदाओं का दशक बनता जा रहा है। दुनिया पहले कोरोना महामारी, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते हालात नहीं बदले तो पिछले कई दशकों में हुई प्रगति पर पानी फिर सकता है और दुनिया की बड़ी आबादी फिर गरीबी के दलदल में फंस सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमाम वैश्विक संकटों के बीच भारत उम्मीद और विकास का नया केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देखने वाला भारत है, जहां युवा एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। भारतीय स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने गर्व के साथ बताया कि भारत ने हाल ही में बड़े एआई सम्मेलन का सफल आयोजन किया और जी-20 सम्मेलन की मेजबानी कर पूरी दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक और डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत तेजी से नई पहचान बना रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को कमल और ट्यूलिप से जोड़ते हुए भावनात्मक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जैसे नीदरलैंड पूरी दुनिया में ट्यूलिप के लिए मशहूर है और भारत कमल के लिए जाना जाता है, वैसे ही दोनों देशों की ताकत भी अपनी जड़ों से आती है। उन्होंने कहा कि चाहे जड़ें पानी में हों या मिट्टी में, असली मजबूती अपनी संस्कृति और मूल्यों से मिलती है। यही भावना भारत और नीदरलैंड के मजबूत रिश्तों की भी पहचान है।

पीएम मोदी का भाषण खत्म होते ही पूरा हॉल भारत माता की जय के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारतीय समुदाय के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। राग दुर्गा पर आधारित साधो रामा अनुपम बानी की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भारतीय रंग में रंग दिया। तानपुरा, बांसुरी, वायलिन और तबले की मधुर धुनों ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
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