लखनऊ, 27 मई 2026:
यूपी में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी घमासान भी तेज होता जा रहा है। अब सपा और भाजपा के बीच पोस्टर और होर्डिंग की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को जहां कई जिलों में सपा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे वहीं बुधवार को सपा मुख्यालय के बाहर भाजपा और सुभासपा को निशाने पर लेने वाली एक बड़ी होर्डिंग लगा दी गई।
यह होर्डिंग समाजवादी युवजन सभा के उपाध्यक्ष पंकज राजभर की ओर से लगवाई गई है। इसमें भाजपा सरकार पर 2024 से 2026 के बीच राजभर समाज के लोगों पर अत्याचार और हत्याओं के आरोप लगाए गए हैं। होर्डिंग में वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर और बाराबंकी समेत कई जिलों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं।

पंकज राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में राजभर समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। ओमप्रकाश राजभर सिर्फ समाज की राजनीति करते हैं, लेकिन सुरक्षा और विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि राजभर और पीडीए समाज के लोगों को केवल समाजवादी पार्टी में सम्मान और सुरक्षा मिल सकती है।
सपा ने इस होर्डिंग के जरिए सीधे तौर पर योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर को निशाने पर लिया है। दरअसल, बीते रविवार को ओमप्रकाश राजभर का ऑटो चलाते हुए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। वे पार्टी कार्यालय से अपने सरकारी आवास तक ऑटो चलाकर पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने खुद को संघर्ष से निकला नेता बताते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर एसी-पीसी और ट्विटर वाली राजनीति करने का आरोप लगाया था। अब सपा की नई होर्डिंग ने इस राजनीतिक तकरार को और ज्यादा गरमा दिया है।






