लखनऊ, 25 फरवरी 2026:
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोके जाने के कथित मामले ने सियासत गरमा दी है। इस मुद्दे पर पहले से आक्रामक रुख अपनाए हुए समाजवादी पार्टी के साथ अब कांग्रेस पार्टी भी खुलकर मैदान में उतर आई है। धरना-प्रदर्शन के बाद अब लखनऊ में इस मामले को लेकर होर्डिंग वार शुरू हो गया है।
शहर के प्रमुख इलाके कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय और चौक के कोनेश्वर तिराहे पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। ये होर्डिंग एनएसयूआई के उपाध्यक्ष आर्यन मिश्रा के नाम से लगाए गए हैं। होर्डिंग पर योगी सरकार पर तीखे हमले के साथ शंकराचार्य के समर्थन में नारे लिखे गए हैं। एक पोस्टर में लिखा है… ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है,’ वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मूल नाम को लेकर भी सियासी तंज कसा गया है।
आर्यन का कहना है कि माघ मेले में जिस तरह शंकराचार्य को स्नान करने से रोका गया वह बेहद शर्मनाक है। उनका आरोप है कि शासन-प्रशासन के लोगों ने न सिर्फ शंकराचार्य का अपमान किया बल्कि उनके शिष्यों और बटुकों के साथ भी बदसलूकी की गई। आर्यन के मुताबिक यह सिर्फ एक संत का अपमान नहीं बल्कि सनातन परंपरा और आस्था पर चोट है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि माघ मेले में हर सनातनी आस्था की डुबकी लगाना चाहता है। ऐसे में शंकराचार्य जैसे पूज्य संत को रोकना समझ से परे है। पार्टी का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से योगी सरकार का सनातन विरोधी चेहरा सामने आया है। फिलहाल पोस्टर वार ने राजधानी की राजनीति में नई तपिश ला दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।






