सीतापुर, 9 जनवरी 2026:
कुत्ते के काटने के करीब 28 दिन बाद एक ई-रिक्शा चालक की रैबीज से मौत हो गई। लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक के घर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी।
महमूदाबाद नगर पालिका क्षेत्र के बेहटा वार्ड निवासी 55 वर्षीय सरवर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। नौ दिसंबर को चिकमंडी चौराहे पर एक आवारा कुत्ते ने उन्हें हाथ और पैर में काट लिया था। घटना के बाद वह सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद पहुंचे, जहां उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। Sitapur News

घाव गहरे होने के कारण डॉक्टरों ने एंटी रैबीज सीरम लगाने की सलाह दी। लेकिन अस्पताल में सीरम मौजूद नहीं था। इसके चलते सरवर को लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए। वहां सीरम लगाने के बाद भी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। thehohalla news
उधर, जिस दिन सरवर को कुत्ते ने काटा था, उसी दिन इलाके में कई और लोगों को भी आवारा कुत्ते ने काटकर जख्मी कर दिया था। ई-रिक्शा चालक की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। लोग अब अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ज्यादा फिक्रमंद नजर आ रहे हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद के अधीक्षक डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि सरवर को नौ दिसंबर को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई थी। घाव गंभीर होने की वजह से सीरम के लिए उन्हें लखनऊ भेजा गया था। पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम उनके घर जाएगी। वहीं, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह चंदेल का कहना है कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होता है। अगर परिवार को कुत्ते के काटने से मौत का शक था, तो उन्हें पोस्टमार्टम कराना चाहिए था।






