Raebareli City

रायबरेली : अपर निदेशक ने डस्टबिन से पकड़ा हॉस्पिटल में मनमानी का खेल… जांच के आदेश

जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के डस्टबिन से मिलीं महंगे इंजेक्शन की दर्जनों शीशियां, मरीजों से बाहर से दवा मंगवाने का आरोप

विजय पटेल

रायबरेली, 11 जनवरी 2026:

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने पहुंचे लखनऊ मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जी.पी. गुप्ता को इमरजेंसी वार्ड के डस्टबिन से 30 से 35 महंगे इंजेक्शन के रैपर और खाली शीशियां बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि इन इंजेक्शनों की कीमत 350 रुपये से लेकर 750 रुपये तक है। हैरानी की बात यह है कि ये इंजेक्शन अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद मरीजों को बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया गया। नाराज हुए अपर निदेशक में जांच के आदेश दिए हैं।

अपर निदेशक के निरीक्षण में यह बात सामने आई कि कुछ डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की कथित मिलीभगत से मरीजों को सरकारी दवाओं की जगह बाहर की महंगी दवाएं लिखी जा रही थीं। आरोप है कि इसके बदले मोटा कमीशन लिया जा रहा था। इंजेक्शन लगाने के बाद उनके रैपर और शीशियां सबूत मिटाने के लिए डस्टबिन में फेंक दी गईं।

WhatsApp Image 2026-01-11 at 2.29.42 PM

निरीक्षण के दौरान दो मरीजों के मामले ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। बाबूलाल, निवासी मधपुरी (भदोखा थाना क्षेत्र), को 365 रुपये का इंजेक्शन बाहर से मंगवाने को कहा गया। वहीं प्रेमा देवी, निवासी मोन (महाराजगंज थाना क्षेत्र), को 650 रुपये का इंजेक्शन खरीदकर लगवाना पड़ा। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे जबरन पैसे वसूले गए। गरीब और मजबूर मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं खरीदने के लिए कहा गया, जबकि वही दवाएं अस्पताल में उपलब्ध थीं।

इस मामले में सीएमएस से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने निजी कारणों का हवाला देकर प्रतिक्रिया देने से पल्ला झाड़ लिया। वहीं अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी. गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि अब एंटी-रेबीज वैक्सीन इमरजेंसी वार्ड में रोजाना उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीजों को बाहर भटकना न पड़े और उन्हें समय पर इलाज मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button