National

छात्रों को नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए: राहुल गांधी का तीखा हमला, पेपर लीक पर सियासी घमासान

प्रधानमंत्री के 'छात्रों को माफ करने' वाले वीडियो के बाद राहुल गांधी का पलटवार, कहा- पेपर लीक और रद्द परीक्षाओं ने लाखों युवाओं के सपने तोड़े, सरकार जवाब दे

न्यूज डेस्क, 1 अगस्त 2026:

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों और प्रभावित परिवारों से माफी मांगने की मांग की है। यह बयान प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उस वीडियो के बाद आया जिसमें उन्होंने छात्रों को माफ करने की बात कही थी।

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है अपितु उन लाखों युवाओं और परिवारों से माफी मांगी जानी चाहिए, जिनकी मेहनत, समय, सपने और भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक और रद्द परीक्षाओं की वजह से प्रभावित हुए हैं।

अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा… ‘अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू और उनका बिलखना सबसे बड़ा दुख है। यह ऐसा दर्द है जो जिंदगीभर उनके साथ रहता है। इसके साथ ही यह टूटी और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।’ उन्होंने कहा कि वर्षों की तैयारी के बाद एक परीक्षा का रद्द हो जाना या पेपर लीक हो जाना छात्रों के साथ अन्याय है और ऐसी व्यवस्था में ईमानदारी से मेहनत करने की उम्मीद करना भी मुश्किल हो जाता है।

ये भी पढ़ें:

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री उन शोकाकुल परिवारों से मिले हैं जिन्होंने अपने बच्चे को खो दिया या उन छात्रों से बातचीत की है जिनकी जमा-पूंजी, समय और भविष्य पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्वयं ही इसका जवाब देते हुए कहा कि जवाब है- नहीं। भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की माफी चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने बयान में दोहराया कि लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करती है। प्रधानमंत्री के वीडियो और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार के लिए उठाए गए कदमों का हवाला दे रही है।

ये भी पढ़ें  केंद्रीय बजट से UP के MSME और वस्त्र उद्योग को नई उड़ान, लाखों को मिलेगा रोजगार का संबल

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button