न्यूज डेस्क, 25 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि हाल ही में अनशन कर रहे छात्रों से उनकी विस्तृत बातचीत हुई। इसमें आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्र तीन ऐसी मांगें उठा रहे हैं, जिन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने पहली मांग के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हुए अन्याय के प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने की चर्चा हो रही है तो यह स्वीकार्य नहीं होगा। छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें मंत्रालय से हटाया जाए।
दूसरी मांग रखते हुए राहुल गांधी ने आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के सिर फूटे, पैर टूटे और जिनके शरीर में छर्रे लगे, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कार्रवाई करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए तथा उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

तीसरी मांग के तौर पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों और देश के भविष्य के साथ हुए घटनाक्रम पर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को डराने और आंदोलन कुचलने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह संभव नहीं होगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि भारत सरकार अपनी पूरी ताकत भी लगा दे, तब भी उन्हें आंदोलन स्थल से नहीं हटा सकती। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं, जबकि छात्र देश का भविष्य हैं। अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।
राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों को आंदोलन से दूर रहने की सलाह पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन छात्रों को भयभीत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन युवाओं को पीछे हटने की जरूरत नहीं है।
प्रेस वार्ता में मौजूद आइसा की छात्र नेता नेहा ने भी राहुल गांधी की ओर से रखी गई तीनों मांगों को जायज बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर युवाओं की आकांक्षाओं को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार बंद के आह्वान से पहले ही कई छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि सरकार मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ सरकार ने कठोर कदम उठाए, जबकि असली समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।






