नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026:
अमेरिका के साथ टैरिफ और ट्रेड को लेकर चल रही तनातनी के बीच भारत अब यूरोपीय संघ के साथ बड़े व्यापार समझौते की तरफ तेजी से बढ़ता दिख रहा है। भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। माना जा रहा है कि यह समझौता दुनिया के सबसे बड़े व्यापार करारों में से एक हो सकता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार की शाम नई दिल्ली पहुंचीं। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया। उर्सुला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।
इस दौरे में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी भारत आए हैं। दोनों नेता 25 से 27 जनवरी तक भारत यात्रा पर रहेंगे। गणतंत्र दिवस की परेड में EU के दो शीर्ष नेताओं की एक साथ मौजूदगी को अहम माना जा रहा है। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के दोनों प्रमुख नेता एक साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं।

FTA पर 27 को बैठक, शिखर सम्मेलन भी होगा
इस यात्रा को भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 27 जनवरी को FTA पर बैठक प्रस्तावित है। साथ ही दोनों नेता 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। बताया जा रहा है कि बातचीत का फोकस सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इस दौरान जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा सहयोग, तकनीक और निवेश जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
टैरिफ तनाव के बीच भारत-EU की डील को बड़ी उम्मीद
ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत और EU की यह पहल दोनों पक्षों के लिए बड़ा मौका मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि यह दौरा साझा मूल्यों, लोकतंत्र, बहुपक्षवाद और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।






