न्यूज डेस्क, 7 मई, 2026:
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम, मोबाइल और तनाव के बीच अपनी नींद सबसे पहले कुर्बान कर देते हैं। देर रात तक फोन चलाना, ओटीटी देखना या काम का दबाव अब आम बात हो गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही आदत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर बना सकती है? डॉक्टरों का कहना है कि अगर शरीर को पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इसका असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता बल्कि दिमाग, दिल और इम्यून सिस्टम तक पर पड़ता है।
डॉक्टरों का मानना है कि कम नींद लेने वाले लोगों में चिड़चिड़ापन, तनाव, याददाश्त कमजोर होना, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ अच्छी डाइट और एक्सरसाइज को जितनी अहमियत देते हैं उतनी ही भरपूर नींद को भी देते हैं। खास बात यह है कि हर उम्र के लोगों की नींद की जरूरत अलग होती है।
सबसे लंबी नींद की जरूरत किस उम्र के लोगों को
सबसे ज्यादा नींद नवजात बच्चों को चाहिए होती है। जन्म से लेकर 3 महीने तक के शिशुओं को करीब 14 से 17 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है क्योंकि इसी दौरान उनका दिमाग और शरीर सबसे तेजी से विकसित होता है। वहीं 4 से 11 महीने के बच्चों को 12 से 15 घंटे तक सोना चाहिए ताकि उनका इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहे।

1 से 2 साल के छोटे बच्चों के लिए 11 से 14 घंटे की नींद बेहद जरूरी होती है। इस उम्र में बच्चा बोलना, चलना और चीजों को समझना सीखता है इसलिए नींद उसके विकास में बड़ी भूमिका निभाती है। वहीं 3 से 5 साल के बच्चों को 10 से 13 घंटे की नींद लेनी चाहिए ताकि उनका मानसिक और शारीरिक विकास सही तरीके से हो सके।
किशोर वर्ग को कितनी नींद है जरूरी
स्कूल जाने वाले 6 से 13 साल के बच्चों के लिए 9 से 11 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। पर्याप्त नींद लेने वाले बच्चों की एकाग्रता बेहतर होती है और पढ़ाई में उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहता है। वहीं 14 से 17 साल के किशोरों को 8 से 10 घंटे तक सोना चाहिए क्योंकि इस उम्र में शरीर के साथ-साथ दिमाग में भी तेजी से बदलाव आते हैं।
वयस्कों और बुजुर्गों के लिए नींद का कोटा
अगर बात वयस्कों की करें तो 18 से 64 साल के लोगों के लिए 7 से 9 घंटे की नींद सबसे बेहतर मानी जाती है। इससे शरीर रिलैक्स रहता है, तनाव कम होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। वहीं 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए ताकि उनकी सेहत और ऊर्जा संतुलित बनी रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम नहीं देती बल्कि यह शरीर को खुद को रिपेयर करने का मौका भी देती है। इसलिए अगर आप फिट, एक्टिव और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहते हैं तो अपनी नींद के साथ समझौता करना बंद कर दीजिए क्योंकि कई बार अच्छी नींद ही सबसे बड़ी दवा साबित होती है।
नोट : दि हो हल्ला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।






