हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 28 मार्च 2026:
बीते कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर बना हड़कंप अब थम गया है। शहर और गांव दोनों जगह हालात सामान्य हो चुके हैं। पेट्रोल पंपों पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म हो गई हैं और लोगों को अब आसानी से ईंधन मिल रहा है। गैस की सप्लाई भी काफी हद तक ठीक हो गई है।
दरअसल, पूरे मामले की शुरुआत एक अफवाह से हुई। लोकसभा में दिए गए एक बयान को लेकर लोगों में यह बात फैल गई कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और गैस की भारी कमी होने वाली है। इसके बाद लोगों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी। जो लोग आम दिनों में थोड़ा-बहुत ईंधन लेते थे, वे अचानक टंकी फुल कराने लगे। कई लोग डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने लगे।
इस वजह से मांग अचानक कई गुना बढ़ गई और पंपों पर भीड़ लग गई। शहर के कई इलाकों में लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। जबकि हकीकत यह थी कि सप्लाई में कोई कमी नहीं थी। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक 25 मार्च को डीजल 1810 केएल और पेट्रोल 1215 केएल उपलब्ध था। 26 मार्च को डीजल 2000 केएल और पेट्रोल 1400 केएल की सप्लाई हुई। 27 मार्च को भी लाखों लीटर ईंधन उपलब्ध रहा।
स्थिति बिगड़ती देख जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तुरंत दखल दिया। आपूर्ति विभाग को अलर्ट किया गया और डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह की निगरानी में पेट्रोल पंपों पर लगातार नजर रखी गई। पंप संचालकों को साफ चेतावनी दी गई कि किसी तरह की गड़बड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी गई।
प्रशासन की कार्रवाई का असर जल्दी दिखा। लोगों को समझाया गया कि किसी चीज की कमी नहीं है। जैसे ही भरोसा लौटा, पंपों पर भीड़ कम होने लगी और दो दिन के अंदर हालात सामान्य हो गए। अब कहीं भी लंबी लाइनें नहीं दिख रही हैं।
रसोई गैस की दिक्कत के पीछे एक और वजह सामने आई। कई उपभोक्ताओं का केवाईसी लंबित था, जिससे उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही थी। ऐसे लोगों के कनेक्शन लंबे समय से निष्क्रिय पड़े थे। अचानक मांग बढ़ने पर उन्हें परेशानी हुई।
इस पर प्रशासन ने गैस एजेंसियों को केवाईसी तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया गया। अब तक करीब 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं का केवाईसी पूरा हो चुका है। बाकी उपभोक्ताओं का काम भी जल्द पूरा कराया जा रहा है, जिससे गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।






