सीतापुर, 24 फरवरी 2026:
पिसावां थाना क्षेत्र स्थित देवगवां गांव के पास 84 कोसी परिक्रमा के दौरान मंगलवार सुबह संत सुरेश दास की तबियत अचानक बिगड़ गई। आनन फानन उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया जहां परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक स्वर्गीय महंत भरत दास महाराज के शिष्य सुरेश दास की तबीयत देवगवां के छठे पड़ाव स्थल पर अचानक बिगड़ गई। साथ मौजूद गुरु भाई अजय दास, भयंकरानंद और श्याम दास ने तुरंत इलाज की व्यवस्था कराने की कोशिश की। मौके पर मौजूद डॉक्टर टीम ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें बड़े अस्पताल रेफर किया गया।
बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस को सूचना देने के बावजूद समय पर वाहन नहीं पहुंच सका। ऐसे में पिसावां थाना पुलिस ने अपने सरकारी वाहन से संत को सुबह करीब सात बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां तैनात चिकित्सक डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार संत की उम्र करीब 55 वर्ष थी और वह कुछ समय से अस्वस्थ भी चल रहे थे। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु अस्पताल और पड़ाव स्थल पर पहुंच गए। गुरु भाई बाबा जगमोहन दास ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया और संत परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार देवगवां के छठे पड़ाव स्थल पर ही करने का निर्णय लिया गया। साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं।






