
चम्पावत, 27 अगस्त 2026:
उत्तराखंड के चम्पावत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के मौके पर जिले को 62.97 करोड़ रुपये की 50 विकास योजनाओं की सौगात दी। रामलीला मैदान धूरा में आयोजित मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026 में उन्होंने 11.08 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 51.89 करोड़ रुपये की 30 नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा के साथ धार्मिक पर्यटन से जुड़े काम शामिल हैं। इससे जिले के अलग-अलग इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने का रास्ता खुलेगा।

धूरा से मंदिरों तक होंगे कई अहम काम
मुख्यमंत्री ने धूरा में पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़ ब्याला तक संपर्क मोटर मार्ग, ककनई के तोक बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क निर्माण की घोषणा की। भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज व राजकीय प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग, इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम भी कराया जाएगा। धन व बस्तियागूंठ के अलग-अलग मंदिरों के सौंदर्यीकरण की योजना भी इसमें शामिल है। दियूरी से चौड़ा तक सड़क का सुधारीकरण व डामरीकरण, डांडा ककनई में सिंचाई नलकूप, सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स का काम भी प्रस्तावित है।
बाढ़ से सुरक्षा पर खास फोकस
आमोड़ी, भलुवागाड़ी, डोलाकांडा, फुरकियाझाला, छतकोट, बेलखेत, खिरद्वारी, बुडम, झालाकुड़ी, नौलापानी सहित कई इलाकों में भूकटाव व बाढ़ से बचाव के लिए वायरक्रेट कार्य किए जाएंगे। बस्तियागूंठ के मास्वाड तोक में भी सुरक्षा कार्य होगा। पोथ की लदिया नदी पर झूला पुल के साथ बुडम के कठोल में भी झूला पुल बनाया जाएगा। इन कामों से बारिश के दौरान प्रभावित होने वाले इलाकों में आवागमन व सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश है।

मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कुमाऊंनी भाषा में संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने पर है। उनके मुताबिक महिला सशक्तिकरण का मतलब सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा व आर्थिक मजबूती के साथ परिवार व समाज के फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। उत्तराखंड की पहचान यहां की मेहनती व साहसी मातृशक्ति से भी है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों की तारीफ करते हुए इन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की बात कही।
लखपति दीदी से करोड़पति तक का लक्ष्य
धामी ने कहा कि सरकार चाहती है कि लखपति दीदी बनने के बाद प्रदेश की महिलाएं करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए वोकल फॉर लोकल, हाउस ऑफ हिमालयाज, हिलांस आउटलेट, फूड वैन व ई-रिक्शा जैसे माध्यमों से स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि महिलाओं को रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने के मौके दिए जा रहे हैं।
बेटियों के लिए चम्पावत में कई बड़े प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में बेटियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें कॉलेज हॉस्टल, आईटीआई लैब, 256.97 करोड़ रुपये की लागत वाला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान व महिला प्रौद्योगिकी पार्क शामिल हैं। सरकार का मकसद है कि बेटियों को पढ़ाई व अपनी प्रतिभा निखारने के लिए गांव या जिले से बाहर जाने की मजबूरी कम हो।

बच्चियों के साथ केक काटा
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों के स्टॉल देखे। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर उन्होंने छोटी बच्चियों के साथ केक काटा। इस दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में आई महिलाओं को रक्षाबंधन के मौके पर उपहार भी दिए गए।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा समेत कई लोग मौजूद रहे।






