राजकिशोर तिवारी
चमोली, 10 मई 2026:
भारत-चीन सीमा तक पहुंचने वाला रणनीतिक रूप से बेहद अहम नीति-मलारी नेशनल हाईवे भारी भूस्खलन की चपेट में आ गया। लाता और सालधार के बीच पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा, जिससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। यहां मलबा हटाकर आवाजाही शुरू करने की कोशिश जारी है।
भूस्खलन के बाद सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर फैल गए। इसके चलते नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से कट गया है। स्थानीय लोगों को जरूरी कामों, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मार्ग के बंद होने से सेना की आवाजाही और सीमा क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी प्रभावित हुआ है। नीति-मलारी हाईवे सामरिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही सड़क भारत-चीन सीमा से लगे अंतिम गांवों और सैन्य चौकियों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है।
सूचना मिलते ही Border Roads Organisation (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। हालांकि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण कार्य में रुकावट आ रही है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।






