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भाजपा का बड़ा जाट दांव! योगी कैबिनेट में भूपेंद्र चौधरी की दमदार वापसी, पश्चिम यूपी को ये सियासी संदेश

प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद चौधरी फिर बने कैबिनेट मंत्री, अमित शाह के करीबी माने जाने वाले भूपेंद्र पर भाजपा ने दोबारा जताया भरोसा

लखनऊ, 10 मई 2026:

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले जाट नेता एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने एक बार फिर सत्ता के गलियारों में जोरदार वापसी कर ली है। रविवार को हुए योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेकर साफ संकेत दिया कि भाजपा अभी भी पश्चिम यूपी की राजनीति में उन्हें अपना सबसे बड़ा चेहरा मानती है।

भूपेंद्र चौधरी इससे पहले योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। हालांकि भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था लेकिन संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और पश्चिम यूपी में प्रभाव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें फिर से बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा का बड़ा जाट कार्ड माना जा रहा है।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाने वाले भूपेंद्र चौधरी को भाजपा के सबसे अनुभवी संगठनकर्ताओं में गिना जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उन पर खास भरोसा बताया जाता है। किसान आंदोलन जैसे कठिन दौर में भी उन्होंने पश्चिम यूपी में भाजपा की जमीन कमजोर नहीं होने दी। यही वजह रही कि पार्टी नेतृत्व लगातार उन पर भरोसा जताता रहा।

भूपेंद्र चौधरी ने 1991 में भाजपा की सदस्यता लेकर राजनीति में कदम रखा था। संगठन में सक्रियता के चलते 1998 में उन्हें मुरादाबाद का जिलाध्यक्ष बनाया गया। 1999 में भाजपा ने उन्हें संभल लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा जहां उन्हें सपा नेता मुलायाम सिंह यादव से हार मिली लेकिन इसके बाद भी उनका सियासी सफर लगातार आगे बढ़ता गया।

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2006 से 2017 तक उन्होंने पश्चिम यूपी में क्षेत्रीय मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष जैसे अहम पद संभाले। 2016 में विधान परिषद पहुंचे और 2017 में योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाए गए। 2022 में दोबारा एमएलसी बनने के बाद भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। अब योगी कैबिनेट में उनकी वापसी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

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