दशहरा उत्सव में पहुंचे सतपाल महाराज, शिरगुल महाराज के जयकारों से गूंजा जौनसार-बावर
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों व क्रीड़ा प्रतियोगिता में हुए शामिल, हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 20 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जौनसार-बावर के सिमोग में विजयादशमी का पर्व आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति के भव्य संगम के रूप में मनाया गया। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को सिमोग पहुंचकर आराध्य देव शिलगुर-विजट महाराज के दर्शन किए और मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
सतपाल महाराज ने टौंस वैली युवा विकास समिति खत विशायल की ओर से आयोजित दशहरा समारोह में शिरकत की। इस दौरान वह दशहरा पर्व पर आयोजित धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों और क्रीड़ा प्रतियोगिता में भी शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने कालसी के हरिपुर स्थित जमुना कृष्णधाम में मां यमुना की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

हिमाचल से देव आगमन ने बढ़ाई पर्व की महत्ता
विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि दशहरा जौनसार-बावर के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों की सीमा पर स्थित सराहण और चूड़धार से आराध्य देव शिरगुल महाराज का सिमोग आगमन इस पर्व को विशिष्ट बनाता है। उन्होंने कहा कि देव दर्शन के लिए उत्तराखंड के साथ हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ढोल-दमाऊ की थाप पर दिखी लोक संस्कृति की छटा
दशहरा उत्सव में जौनसार-बावर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के रंग भी खूब बिखरे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर लोकनृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। धार्मिक अनुष्ठानों, पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति से सजा यह आयोजन क्षेत्र की विशिष्ट पहचान और देव परंपराओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था का प्रतीक बना। इस अवसर पर भीम सिंह चौहान, जबर सिंह नेगी, डॉ. श्याम कुंवर, शांति चौहान, अमित नेगी, गीता राम शर्मा, संत राम चौहान, सूरत सिंह चौहान, केसर सिंह चौहान और बीर सिंह चौहान सहित कई लोग मौजूद रहे।






