लखनऊ, 11 मई 2026:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारियों का लंबे समय से सुलग रहा आक्रोश सोमवार को राजधानी लखनऊ में खुलकर सामने आ गया। आल इंडिया स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन के आह्वान पर एसबीआई के कर्मचारियों ने मुख्य शाखा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदर्शन का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष अजय पांडेय और महामंत्री डॉ. डीके सिंह ने किया।
कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो देशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। महामंत्री ने कहा कि बैंक में लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही है, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने मैसेंजर एवं सशस्त्र गार्डों की नियमित भर्ती शुरू करने, स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग बंद करने तथा सभी कर्मचारियों के लिए समान वेतन और सेवा शर्तें लागू करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों को फंड मैनेजर बदलने का विकल्प मिलना चाहिए। साथ ही मेडिकल रीइंबर्समेंट योजना में सुधार, पेंशन विसंगतियों का समाधान और एचआरएमएस पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को भी तत्काल दूर किया जाए। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
प्रदर्शन को संगठन के उपाध्यक्ष अवधेश सिंह, आरपी सिंह, उपमहामंत्री आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, बृजेश कुमार तिवारी, आकाश शर्मा, अंकुर अग्रवाल, राकेश कुमार, दीपेंद्र कुमार, सतीश शुक्ल सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। प्रदर्शन में विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 12 मई को सभी कर्मचारी काला मास्क पहनकर कार्य करेंगे। वहीं, 13 मई को होने वाली वार्ता में यदि कोई स्थायी समाधान नहीं निकला तो 25 और 26 मई को देशभर में एसबीआई कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे। इससे बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।






