लखनऊ, 10 मार्च 2026:
सात मार्च को वाराणसी से शुरू हुई ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा मंगलवार को इटौंजा के रास्ते राजधानी लखनऊ की सीमा में दाखिल हुई। कल मंगलवार को आशियाना क्षेत्र में उनका मुख्य कार्यक्रम होगा। इधर देर रात प्रशासन ने उनके कार्यक्रम को शर्तों के साथ आयोजन की अनुमति दी है।
गोरक्षा को लेकर चल रहे अभियान के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लखनऊ पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जो 40 दिन की मोहलत दी गई थी, वह अब पूरी हो चुकी है और 11 मार्च को धर्मयुद्ध के लिए शंखनाद किया जाएगा। वो अपनी बात कहेंगे। मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने कहा मेरी यात्रा का कहीं कोई विरोध नहीं हुआ। हर जगह समर्थन मिला। सनातन धर्म के प्रतीक पर प्रहार करने वाली पुलिस तो योगी सरकार की है। इसलिए मेरा सवाल उन्हीं से है। रही बात शर्तों की तो व्यवस्था से जुड़ी शर्तें पूरी की जाएंगी।

इस बीच शंकराचार्य के मुख्य कार्यक्रम को जिला प्रशासन ने अनुमति दे दी है। सोमवार देर रात पुलिस अधिकारियों और एलडीए स्मारक समिति के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद कार्यक्रम को हरी झंडी मिली। प्रशासन ने आयोजन के लिए 26 शर्तें भी तय की हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर अनुमति स्वतः रद्द मानी जाएगी।
आयोजकों के मुताबिक 11 मार्च को शीतला अष्टमी के दिन आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के पास पासी किला चौराहे पर दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गोरक्षा को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और बड़ी संख्या में संत और समर्थक जुटने की उम्मीद है। प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कई निर्देश भी जारी किए हैं।






