विजय पटेल
रायबरेली, 8 मार्च 2026:
गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा के दौरान रायबरेली में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये सुरक्षा पाने के लिए सिर्फ एक नाटक है। हमला ट्रेन में हुआ है इसलिए रेलवे व आरपीएफ को जवाब देना चाहिए।
बता दें कि आशुतोष ब्रम्हचारी ने ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इस समय शंकराचार्य वाराणसी से लखनऊ तक गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा पर निकले हैं। यहां रायबरेली में मीडिया ने उनसे आशुतोष महाराज पर हुए कथित हमले के सवाल पर कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और वह स्वयं यहां बैठे हैं।
शंकराचार्य ने बताया कि उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि कोच अटेंडेंट के अनुसार जब आशुतोष ब्रह्मचारी बाथरूम जा रहे थे तब वह ठीक थे, लेकिन लौटने के बाद उन्होंने हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी सुरक्षा पाने के लिए इस तरह का नाटक कर रहे हैं। हमले का आरोप उन पर लगाना भी मीडिया का अटेंशन पाने और यात्रा से घ्यान भटकाने की कोशिश है। यूपी में ऑपरेशन पाताल चलाया जाता है और हिस्ट्रीशीटर खुलेआम घूम रहे हैं।
आशुतोष पर 21 लाख रुपये के इनाम की चर्चा पर शंकराचार्य ने कहा कि जिसने भी इनाम घोषित किया है वह खुद जाने, उन्होंने किसी प्रकार का कोई इनाम नहीं रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आशुतोष ब्रह्मचारी के पास कोई सबूत था और वह लैपटॉप लेकर घूम रहे थे, तो उन्हें पहले ही संबंधित एजेंसियों को दे देना चाहिए था।
उन्होंने अपने समर्थकों को स्पष्ट निर्देश देने की बात कही कि कोई भी शारीरिक हिंसा या नुकसान न किया जाए। किसी भी बात का जवाब बौद्धिक तरीके से दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि यह घटना ट्रेन में हुई है तो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारतीय रेलवे और आरपीएफ की जिम्मेदारी है, उन्हें इस मामले में जवाब देना चाहिए।






