Shiva Sharma Murder Case : इंटरव्यू देकर वांटेड मॉडल श्रद्धा दुबे फुर्र, SHO, DCP के बाद ACP भी हटे
लखनऊ के मर्डर केस में 10 दिन बाद भी इनामी आरोपी श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से दूर, एक न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू देने के बाद कार्रवाई तेज, प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण मिलने की चर्चाओं को मिल रहा बल

लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी राजधानी लखनऊ के चर्चित युवा कारोबारी शिवा शर्मा (28) की हत्या के मामले में फरार इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे द्वारा एक न्यूज एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू लखनऊ कमिश्नरेट की तेज तर्रार पुलिस की सक्रियता की कलई खोल दी। शासन तक हड़कंप मचा तो लखनऊ के संबंधित पुलिस अफसरों की परेशानी भी बढ़ गई। सोशल मीडिया और टीवी न्यूज चैनलों पर इंटरव्यू चलने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस महकमे में कार्रवाई शुरू हो गई। रविवार से सोमवार तक हजरतगंज के इंस्पेक्टर (SHO) विक्रम सिंह, डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर और अब एसीपी रजनीश वर्मा को उनके पदों से हटा दिया गया। इसके अलावा कमिश्नरेट में कई अन्य एसीपी के कार्यक्षेत्र भी बदल दिए गए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मॉडल को पुलिस 25 हजार से 50 हजार की इनामी घोषित कर तलाश रही है वह फरारी के दौरान न्यूज एजेंसी तक कैसे पहुंच गई? इंटरव्यू सामने आने के बाद पुलिस की सक्रियता और श्रद्धा के कथित रसूख को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, उसके किसी प्रभावशाली व्यक्ति या पुलिस अधिकारी से संबंध होने की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी की मौत
मामला हजरतगंज क्षेत्र के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। यहां नौ अक्टूबर को चौथी मंजिल पर स्थित श्रद्धा दुबे के फ्लैट से शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई थी। बताया जाता है कि शिवा काफी दिनों से श्रद्धा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। शिवा की मां रंजना शर्मा की तहरीर पर श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में श्रद्धा पर शिवा को चौथी मंजिल से धक्का देने का आरोप लगाया गया है।
पहले 25 हजार, फिर 50 हजार हुआ इनाम
घटना के करीब दस दिन बाद भी पुलिस श्रद्धा को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस बीच उसने सोशल मीडिया पर तीन वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही का दावा किया था। इन वीडियो में उसने नामचीन लोगों और अधिकारियों से संबंध होने की चर्चाओं को भी खारिज करने की कोशिश की थी। इसके बाद न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू देने से पुलिस की तलाश और उसके संभावित ठिकाने को लेकर सवाल और गहरे हो गए।
इंस्पेक्टर के बाद डीसीपी और एसीपी भी हटे
इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद सबसे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को हटा दिया गया। सोमवार को एसीपी रजनीश वर्मा को भी हजरतगंज से हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त अपराध बनाया गया। उनकी जगह कैसरबाग के एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय को हजरतगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही तीन अन्य एसीपी के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया।
फिलहाल श्रद्धा की गिरफ्तारी और शिवा की मौत की गुत्थी सुलझाना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इंटरव्यू के बाद हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने इस मामले को और चर्चित बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस फरार मॉडल तक कब पहुंचती है और जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं।






