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झील के बीच कॉफी की चुस्की! लखनऊ की बटलर झील में खुलेगा आईलैंड कैफे, पैदल पुल से पहुंचेगा शहर

लखनऊ को जल्द मिलने जा रहा एक और खूबसूरत पर्यटन और मनोरंजन स्थल, प्राकृतिक सुंदरता के बीच परिवार के साथ समय बिता सकेंगे लोग, एलडीए उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण

लखनऊ, 1 फरवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ को जल्द ही एक और खूबसूरत पर्यटन और मनोरंजन स्थल मिलने जा रहा है। डालीबाग इलाके में बटलर पैलेस के पास स्थित ऐतिहासिक बटलर झील के बीच बने आईलैंड पर कैफेटेरिया खोला जाएगा। इसका नाम ‘आईलैंड कैफे’ रखा गया है। इस कैफे तक पहुंचने के लिए झील पर बनाए गए पेडेस्ट्रियन ब्रिज का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे लोग झील की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए कैफे तक पहुंच सकेंगे।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि बटलर झील के संवर्द्धन और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। झील के बीच विकसित किए गए आईलैंड पर एक कैफेटेरिया का निर्माण किया गया है। इसे अगले 15 दिनों के भीतर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके शुरू होने से लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ शांत वातावरण में समय बिता सकेंगे और लजीज व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।

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निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष ने बटलर पैलेस में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पैलेस परिसर में एक अलग कैफेटेरिया का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, पैलेस के प्रथम तल पर चल रहे जीर्णोद्धार और फसाड अपलिफ्टमेंट के कार्यों को जुलाई माह तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पैलेस के पिछले हिस्से में स्थित लॉन में लैंडस्केपिंग और हॉर्टीकल्चर कार्य कराए जाएंगे जिससे परिसर और अधिक आकर्षक बन सके।

इसके अलावा प्रथमेश कुमार ने हजरतगंज क्षेत्र में फसाड कंट्रोल गाइडलाइन के तहत कराए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि यहां बदली जा रही पुरानी रेलिंग और बिजली के खंभों का उपयोग एलडीए की आवासीय योजनाओं में विकसित पार्कों और ग्रीन बेल्ट में किया जाए। निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर पुराने साइनेज बोर्ड लगे पाए गए। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित कलर कोड और साइज के नए साइनेज बोर्ड लगवाए जाएं, ताकि हजरतगंज की पहचान और खूबसूरती बरकरार रह सके।

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