लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को यूजीसी नियमावली 2026 को लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। सामाजिक न्याय मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट से परिवर्तन चौक तक पैदल मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर अपनी छह सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा। मार्च का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक रमा शंकर भीम एडवोकेट ने किया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी नियमावली को प्रभावी रूप से लागू करना, असंवैधानिक ईडब्लूएस आरक्षण को समाप्त करना, सभी श्रेणियों की सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटा पूर्ण करना, उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कोलेजियम प्रणाली को समाप्त करना, निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना तथा सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाना शामिल रहा।

मोर्चा संयोजक रमा शंकर भीम ने कहा कि यूजीसी नियमावली 2026 में भाषा, धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव के उन्मूलन और समता के संवर्धन का प्रावधान भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। अखिल भारतीय पासी समाज के राष्ट्रीय महासचिव रामकृपाल एडवोकेट ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी के बीच हुए पूना पैक्ट के बाद आरक्षण संविधान में शामिल हुआ, लेकिन आज भी सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा न होना राष्ट्रीय शर्म का विषय है।
राष्ट्रीय कल्याण मंच के अध्यक्ष आनन्द रावत ने कहा कि जब कर नहीं तब डर नहीं। यूजीसी नियमावली 2026 उन लोगों के लिए है जो भेदभाव और शोषण करते आए हैं। बहुजन क्रान्ति संघ के अध्यक्ष डॉ. मोहन लाल रावत ने कोलेजियम प्रणाली को पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए समाप्त करने की मांग उठाई। आरक्षण समर्थक अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल गौतम ने कहा कि देश सबका है तो संसाधनों पर भी सबका अधिकार होना चाहिए। राष्ट्रीय पासी महासंघ के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद रावत ने निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने की जरूरत बताई।

इस प्रदर्शन में रामफेर निराला, एडवोकेट राम प्रकाश वर्मा, रविन्द्र कटियार, आरडी गौतम, अम्बरीश कुमार, सुरेश चन्द्र रावत, संजय कुमार, रामनाथ, गरिमा भीम, सविता गौतम, अनुराग गौतम, केशवराम गौतम, बसंतलाल रावत, हरिहर वर्मा, एसपी यादव, हरिनाथ यादव, आरडी निर्मोही, रामदास बाबू, राम सागर पासी, ओम प्रकाश दिवाकर, जयविन्द चौधरी, मुनीन्द्रनाथ आनन्द, सैय्यद मशकूर आलम, विश्वनाथ कटियार प्रत्याशी बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश सहित तमाम अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।






