लखनऊ, 22 मई 2026:
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण अब सिर्फ परंपरा या धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रह गया है। इसे रोजगार, आधुनिक डेयरी कारोबार और पोषण आधारित अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के तौर पर पेश किया जा रहा है। प्रदेश की देसी नस्ल की गायों के दूध और गो उत्पादों की मांग अब भारतीय सेना तक पहुंच गई है। हाई प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर देसी दूध को सैनिकों की फिटनेस और पोषण जरूरतों के लिहाज से उपयोगी माना जा रहा है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और आधुनिक डेयरी सिस्टम को बढ़ावा देने पर लगातार काम हो रहा है। इसी का असर है कि यूपी में तैयार हो रहे प्रीमियम गो उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज के इंजीनियर एसएन द्विवेदी ने नोएडा में देसी नस्ल की गायों पर आधारित डेयरी मॉडल खड़ा किया है। उनकी डेयरी में गिर, साहीवाल समेत कई देसी नस्लों की गायों का पालन किया जा रहा है। इन गायों के दूध में प्राकृतिक प्रोटीन और पोषक तत्व अधिक बताए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक से प्रोसेसिंग होने की वजह से इसकी गुणवत्ता को लेकर भरोसा भी बढ़ा है।
सेना में इस्तेमाल के लिए ऐसे दूध और गो उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। डेयरी से जुड़े लोगों का कहना है कि देसी गाय का दूध शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा बनाए रखने और मांसपेशियों को मजबूत करने में मददगार माना जाता है।

प्रदेश में तैयार हो रहे इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी तेजी से बढ़ी है। एनसीआर के अलावा चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में इसकी सप्लाई की जा रही है। ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए यह दूध 165 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूक लोगों के बीच इसकी मांग बढ़ती जा रही है।
उत्तर प्रदेश में पहली बार आइसलैंड और डेनमार्क की आधुनिक डेयरी तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया गया है। दूध उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग तक पूरी व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है ताकि गुणवत्ता और पोषण बरकरार रहे। इसी वजह से यह मॉडल डेयरी सेक्टर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एसएन द्विवेदी अब अलीगढ़ में 500 देसी गायों की नई अत्याधुनिक गोशाला तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्हें गो सेवा और गो संरक्षण को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गोशालाओं, आधुनिक डेयरी तकनीक और ऑनलाइन मार्केटिंग की मदद से प्रदेश का देसी गाय आधारित मॉडल तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में इससे रोजगार के नए मौके बने हैं और गो आधारित कारोबार को नई पहचान मिली है।






