विकास गोंड
वाराणसी, 8 अप्रैल 2026:
निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल डीएम कार्यालय पहुंचा और एडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि वाराणसी के अधिकांश निजी विद्यालय हर वर्ष अवैध रूप से फीस में वृद्धि कर रहे हैं। इसके साथ ही एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से भारी-भरकम शुल्क वसूला जा रहा है। यह शासन के निर्देश के विपरीत है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन अभिभावकों को कॉपी, किताब, ड्रेस, बेल्ट और टाई केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य करता है, जहां सामान ऊंचे दामों पर मिलता है। इससे अभिभावकों का आर्थिक शोषण हो रहा है।

नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कक्षा 1 से 8 तक हर वर्ष अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रम बदल दिया जाता है। इससे पुरानी किताबें बेकार हो जाती हैं और अभिभावकों को हर साल नई किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इतना ही नहीं मेधावी छात्र-छात्राओं से भी अगली कक्षा में प्रोन्नति के बावजूद दोबारा एडमिशन फीस वसूली जा रही है, जिसे पूरी तरह अनुचित बताया गया।
सपा नेताओं का कहना है कि निजी स्कूलों की इस मनमानी के कारण मध्यम वर्गीय परिवार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। बढ़ी हुई फीस पर तत्काल रोक लगाई जाए और निर्धारित दुकानों से खरीदारी का दबाव समाप्त किया जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा विश्वकर्मा, प्रदेश सचिव राजू यादव, संतोष यादव, आनंद प्रकाश, युवजन सभा के राहुल गुप्ता, दिलीप कश्यप, लोहिया वाहिनी के राहुल कन्नौजिया, रमाकांत जायसवाल, विवेक कहार, दुर्गा यादव, लवकुश और हनुमान आमीर अहमद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।






