लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ यूपी की राजधानी लखनऊ में छात्र आंदोलन ने गुरुवार को और जोर पकड़ लिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के जानकीपुरम स्थित न्यू कैंपस में विभिन्न छात्र संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक छात्र न्यू कैंपस के पास एकत्र हुए और यूजीसी के नए नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठकर अपना आक्रोश जताया। इससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
छात्रों का कहना है कि आयोग द्वारा लाए गए ये नियम छात्र-छात्राओं के बीच समानता स्थापित करने में नाकाम साबित होंगे। उनका आरोप है कि ये प्रावधान शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय छात्रों को आपस में बांटने और टकराव को बढ़ावा देने वाले हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इन नियमों को यूजीसी का काला कानून करार दिया। उनका कहना है कि सरकार दावा कर रही है कि नए नियमों से भेदभाव खत्म होगा लेकिन हकीकत में इससे सामाजिक विभाजन और गहरा सकता है। छात्रों के अनुसार इन नियमों से विश्वविद्यालय परिसरों में असमानता बढ़ेगी और शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ेगा जिससे आने वाले समय में नई चुनौतियां खड़ी होंगी।
आक्रोशित छात्रों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक यूजीसी अपने नए नियमों को वापस नहीं लेता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी कर सरकार और यूजीसी के फैसले के खिलाफ रोष जताया।
मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने हालात को संभालने की कोशिश करते हुए छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल न्यू कैंपस क्षेत्र में पुलिस की सतर्क निगरानी बनी हुई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।






