लखनऊ, 24 अप्रैल 2026:
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के मुखिया स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपी में हालात ऐसे हैं जहां अपराध और कार्रवाई दोनों में जाति का फर्क दिखता है। उनके मुताबिक OBC और अल्पसंख्यकों पर तेजी से कार्रवाई होती है, जबकि ऊंची जातियों के आरोपियों पर सख्ती नजर नहीं आती।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर शुक्रवार को प्रेसवार्ता में मौर्य ने कौशांबी, देवरिया, कानपुर, हरदोई और गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि इन मामलों में अब तक क्या ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि अगर किसी एक केस में भी ऐसी कार्रवाई हुई हो जो मिसाल बन सके, तो सरकार और पुलिस उसे सामने रखें।
हरदोई की घटना को लेकर मौर्य ने पुलिस पर सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि मल्लावां थाने के इंस्पेक्टर और जिले के एसपी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित युवती लगातार शिकायत कर रही थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई और आखिरकार उसे जान गंवानी पड़ी।
मौर्य ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तीकरण की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उनके मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर दावे और हालात में बड़ा फर्क दिखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता जब पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तो उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी गई। कई लोगों को हिरासत में लिया गया और जेल भेजने की तैयारी की गई। मौर्य ने इसे कानून व्यवस्था की कमजोरी बताया।
उन्होंने कहा कि कई जिलों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अपराधियों पर सख्ती नहीं दिख रही। साथ ही सवाल उठाया कि जिन मामलों में आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की बात होती है, वहां अब तक क्या कदम उठाए गए।






