लखनऊ, 17 जनवरी 2026:
यूपी के लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवार को रोहित वेमुला की स्मृति में निकाले जा रहे मार्च के दौरान दो छात्र गुटों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद टकराव की नौबत आ गई। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। रोहित वेमुला की याद में मार्च बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बीएपीएसए) से जुड़े छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था।
बीएपीएसए के छात्र पहले विश्वविद्यालय परिसर में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। यहां उन्होंने रोहित वेमुला को याद करते हुए नारे लगाए और बाद में स्मृति मार्च निकाला। मार्च के दौरान कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों के सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों गुटों के बीच पहले नारेबाजी को लेकर बहस शुरू हुई जो कुछ ही देर में तेज नोकझोंक में बदल गई। देखते ही देखते दोनों ओर से जोरदार नारे लगाए जाने लगे और छात्र आमने-सामने आ गए। इससे विश्वविद्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद अन्य छात्र और कर्मचारी भी स्थिति को देखकर सहम गए।

घटना की सूचना मिलते ही परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने हालात संभालने की कोशिश की लेकिन विवाद बढ़ता देख पुलिस को बुलाना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों गुटों को अलग कराया और छात्रों को शांति बनाए रखने के लिए समझाया। पुलिस की कार्रवाई से किसी भी तरह की हिंसक घटना होने से पहले ही स्थिति पर काबू पा लिया गया।
इसके बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कैंपस में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इससे पहले मार्च के दौरान बीएपीएसए के छात्रों ने ‘रोहित, हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ जैसे नारे लगाए। छात्रों का कहना था कि रोहित वेमुला जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
फिलहाल प्रशासन के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति सामान्य है। हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखी गई है।






