अयोध्या, 9 फरवरी 2026:
बस्ती जनपद के परशुरामपुर थाने में तैनात तीन दिन से लापता एसएसआई अजय कुमार गौड़ का शव अयोध्या में सरयू नदी में मिला है। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के तिहुरा माझा इलाके में ग्रामीणों ने नदी में शव देखा। इसके बाद अयोध्या जल पुलिस ने शव को बाहर निकाला। इस मामले में मृतक की पत्नी रंजीता व छोटे भाई एडीएम अरुण कुमार ने कहा ये सुनियोजित हत्या है।
सब इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ मूल रूप से देवरिया के मूड़ाडीह गांव के निवासी थे। वह बस्ती जनपद के परशुरामपुर थाने में एसएसआई के रूप में तैनात थे और वहीं परिवार के साथ रहते थे। कुछ दिन पूर्व थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर जाने के बाद उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़ को थाने का प्रभार सौंपा गया था। गत 5 फरवरी को अजय कुमार किसी काम से बाहर निकले थे और उसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उनका निजी मोबाइल फोन और थाने का सीयूजी नंबर लगातार बंद आ रहा था।

लापता होने के लगभग 24 घंटे बाद बस्ती में थाने से लगभग 50 किमी दूर कुआनो नदी के अमहट घाट पर उनकी लावारिस बाइक बरामद की गई है। बाइक मिलने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और गोताखोरों द्वारा नदी में खोजबीन की गई। 48 घण्टे तक चली खोजबीन के दौरान पत्नी रंजीता वहीं मौके पर मौजूद रही। इधर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पत्नी रंजीता ने कहा 5 तारीख की शाम लगभग 3 बजे उनकी आखिरी बार अपने पति से बात हुई थी। इसके बाद रात 8 से 9 बजे के बीच उन्होंने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद मिला। 6 तारीख की सुबह भी फोन बंद मिलने पर उन्होंने थाने के अन्य स्टाफ से संपर्क किया, जिसके बाद मामले की जानकारी सामने आई। पत्नी रंजीता लगातार अमहट घाट पर डटी रहकर तलाशी अभियान पर नजर रखे रहीं।

इधर अयोध्या में रविवार शाम को तिघुरा माझा गांव के पास सरयू नदी में एक शव उतराता हुआ देखा गया। अयोध्या पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पहचान कराने के बाद इसकी जानकारी बस्ती पुलिस को दी। मौके पर आए मृतक के भाई एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि हम लोग इसे सुसाइड या हादसा नहीं मान सकते। उनकी हत्या सुनियोजित रूप से की गई है। किसी भरोसेमंद साथी ने उन्हें धोखा दिया है।
वहीं पत्नी रंजीता ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते गंभीरता दिखाई जाती तो शायद कोई सुराग मिल सकता था। रंजीता ने बताया कि उनके पति को दुबौलिया थाने में तैनाती के दौरान एक नाबालिग की मौत के मामले में धमकियां मिली थीं। उन्होंने इस पहलू से गहन जांच की मांग भी रखी। अजय कुमार गौड़ को आखिरी बार थाने से निकलते समय सफाई कर्मी पंकज के साथ देखा गया था। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।






