लखनऊ, 17 मई 2026:
रविवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार बेसिक शिक्षा विभाग के अंशकालिक अनुदेशकों की खुशियों का साक्षी बना। यहां सीएम योगी ने बढ़े हुए मानदेय की सौगात पा चुके अनुदेशकों को बढोत्तरी वाली पहली चेक थमाई। इस मौके पर सीएम ने अनुदेशकों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराया और पूर्व सरकार पर हमला भी बोला।
बता दें कि सीएम ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 1 अप्रैल 2026 से 9,000 से बढ़ाकर 17,000 प्रतिमाह का ऐलान किया था। इस निर्णय से हर अनुदेशक को हर महीने सीधे 8,000 अतिरिक्त मिलने की खुशी मिली। इसी खुशी को आज साकार होने का दिन आया। लोक भवन सभागार में सीएम योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और चेक के साथ सम्मान दिया। इस दौरान मंच पर बाराबंकी, सीतापुर, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, रायबरेली समेत 14 जिलों के अनुदेशकों को मंच पर बुलाकर चेक सौंपी गई। इस दौरान सीएम ने SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) द्वारा छात्रों के लिए तैयार किये गए रिपोर्ट कार्ड का विमोचन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की बेसिक शिक्षा गंभीर अव्यवस्था से घिरी हुई थी। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, पढ़ाई का माहौल कमजोर था और व्यवस्था बंदी की कगार तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में न तो साफ नीयत थी और न ही कोई ठोस नीति। इसी वजह से शिक्षा व्यवस्था लगातार पिछड़ती रही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने नीति और नीयत दोनों को स्पष्ट रखा, जिसके परिणामस्वरूप बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। पहले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर 17 से 18 प्रतिशत तक थी। सरकार के प्रयासों, शिक्षकों और अनुदेशकों की मेहनत तथा अभिभावकों के सहयोग से यह दर घटकर अब करीब 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव बताता है कि जब सरकार व सिस्टम ईमानदारी से काम करता है तो सकारात्मक नतीजे सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में आज स्मार्ट क्लास, बेहतर भवन, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, यूनिफॉर्म, किताबें और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देश युद्ध और आर्थिक मंदी की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भी विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। यह तभी संभव होता है जब समाज के सभी वर्ग मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही है। हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अनुदेशकों से अपेक्षा की कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा के साथ निभाते रहें।






