सीतापुर, 30 मार्च 2026:
सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान एक दुर्गा मंदिर को हटाने की कार्रवाई की गई। करीब 25 साल पुराने इस मंदिर को तोड़ने के दौरान एक अलग ही स्थिति देखने को मिली, जब बुलडोजर ड्राइवर ने मंदिर गिराने से इनकार कर दिया। निजी चालक को बुलाया गया व नायब तहसीलदार ने खुद छेनी हथौड़ा लेकर प्रतिमा हटाईं। वहीं एसडीएम हाथ जोड़े खड़ीं रहीं।
शहर के कैप्टन मनोज पांडे चौक के आसपास सड़क को दोनों तरफ करीब 150-150 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 3 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी दायरे में चौराहे से लगभग 10 मीटर दूरी पर सड़क किनारे बना दुर्गा मंदिर आ रहा था, जिसे हटाने के लिए पहले ही नोटिस दिया गया था।

सुबह प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीम में ADM नीतीश कुमार, SDM दामिनी एस. दास और नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी शामिल थे। बुलडोजर ड्राइवर सुशील को जब मंदिर गिराने को कहा गया तो उसने मना कर दिया। काफी कहने के बाद भी वह नहीं माना।
इसके बाद प्रशासन ने निजी ड्राइवर बुलवाने का फैसला किया। इस बीच नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी ने खुद छेनी और हथौड़ी उठाई और मंदिर में स्थापित दुर्गा जी की प्रतिमा को जमीन से अलग करना शुरू किया। इस दौरान SDM दामिनी एस दास पास ही हाथ जोड़कर खड़ी रहीं।

प्रतिमा को सुरक्षित निकालने के बाद उसे पास के शक्ति मंदिर भेज दिया गया। करीब डेढ़ बजे प्राइवेट ड्राइवर मौके पर पहुंचा। उसके आते ही बुलडोजर से मंदिर का ढांचा गिराना शुरू किया गया और कुछ ही मिनटों में पूरा ढांचा हटा दिया गया। इसके बाद मलबा भी किनारे कर दिया गया।






