राजकिशोर तिवारी
ऋषिकेश, 12 मई 2026:
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि नर्सिंग सेवा महज एक पेशा नहीं, बल्कि करुणा, समर्पण और मातृत्व भाव का जीवंत रूप है। गंभीर हालात में नर्सें मरीजों के लिए सिर्फ स्वास्थ्यकर्मी नहीं होतीं, बल्कि भरोसे और अपनत्व का सहारा बन जाती हैं।
मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित उन्नत ट्रॉमा देखभाल, अंगदान और नर्सिंग उत्कृष्टता कार्यक्रम में राज्यपाल ने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने बेहतर काम करने वाले नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया। अंगदान करने वाले दानदाताओं और उनके परिजनों को भी सम्मान दिया गया।

राज्यपाल ने कहा कि ट्रॉमा केयर, अंगदान और नर्सिंग सेवा चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ इंसानियत की हिफाजत के तीन मजबूत स्तंभ हैं। ये संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जीवन के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। दुर्घटनाओं के बाद उपचार के पहले घंटे को गोल्डन ऑवर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसी दौरान सही इलाज मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में ट्रॉमा सेवाओं की भूमिका और भी ज्यादा अहम हो जाती है।
अंगदान को मानवता का सर्वोच्च दान बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक व्यक्ति के इस फैसले से कई लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है। उन्होंने समाज से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। राज्यपाल ने एम्स ऋषिकेश में हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीक के उपयोग की सराहना की। उन्होंने आधुनिक डायग्नोस्टिक्स, रोबोटिक्स, नेत्र और दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की भी तारीफ की।
कार्यक्रम में ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह, ट्रॉमा केयर विभागाध्यक्ष डॉ. कमर आजम, डॉ. शैलेन्दु शंकर, कर्नल बीनू शर्मा और डॉ. मधुर उनियाल समेत बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।






