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UP के स्पोर्ट्स कॉलेजों में महा-प्रवेश शुरू, खेल प्रतिभाओं के लिए खुले द्वार

प्रदेश के ​5 स्पोर्ट्स कॉलेजों की 518 सीटों पर छिड़ा दंगल, पहली बार PEN अनिवार्य, ऑनलाइन होगी पूरी चयन प्रक्रिया

​लखनऊ, 12 मई 2026:

यूपी को स्पोर्ट्स हब बनाने के संकल्प के साथ योगी सरकार ने खेल के मैदान में एक और बड़ा दांव खेला है। प्रदेश के युवाओं की खेल प्रतिभा को तराशने के लिए सत्र 2026-27 के लिए स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश का बिगुल फूंक दिया गया है। इस बार की प्रवेश प्रक्रिया न केवल तकनीक से लैस है बल्कि स्मार्ट और पारदर्शी भी है।

​नए कलेवर में 5 स्पोर्ट्स कॉलेज, फतेहपुर और सहारनपुर की एंट्री

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज फतेहपुर और सहारनपुर का संचालन है। अब लखनऊ, गोरखपुर और सैफई के साथ मिलकर कुल पांच कॉलेजों में 518 रिक्त सीटों पर कक्षा 6, 9 और 11 के लिए दाखिले होंगे। योगी सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि हर जिले की प्रतिभा को ओलंपिक और नेशनल मेडल तक पहुँचाना।

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​PEN और खेल साथी पोर्टल का पहरा

भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर लगाम कसते हुए सरकार ने इस बार पर्मानेंट एजुकेशन नंबर (PEN) को अनिवार्य कर दिया है। यूडाइस प्लस पोर्टल के जरिए सीधे शैक्षिक सत्यापन होगा, यानी अब केवल असली और योग्य खिलाड़ी ही मैदान में उतर पाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। अभ्यर्थी स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ की वेबसाइट SPORTSCOLLEGELKO.IN⁠ और ‘खेल साथी’ पोर्टल (khelsathi.in) के जरिए जोड़ा गया है। आवेदन शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है।

​मैदान पर मचेगा घमासान, 200 अंकों की कड़ी परीक्षा

एडमिशन का रास्ता आसान नहीं होगा। योगी सरकार ने चयन प्रक्रिया को बेहद सख्त और प्रदर्शन-आधारित रखा है। 100 अंकों की प्रारंभिक परीक्षा में 50 अंक शारीरिक दक्षता और 50 अंक खेल कौशल के होंगे। जो खिलाड़ी इस अग्निपरीक्षा में 40% अंक लाएगा, वही मुख्य चयन परीक्षा के अगले चक्र में प्रवेश करेगा। अंत में मेडिकल बोर्ड द्वारा बायोलॉजिकल एज (जैविक आयु) की जांच की जाएगी ताकि उम्र की धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।

​विशेष मानक तय, लंबाई और वजन का कड़ा पैमाना

सरकार ने खेलों के अनुसार कड़े मानक तय किए हैं। वॉलीबॉल के लिए कक्षा 11 में बालकों की लंबाई 180 सेंटीमीटर और बालिकाओं की 165 सेंटीमीटर होना अनिवार्य है। कुश्ती, बॉक्सिंग और जूडो जैसे खेलों में भार वर्गों के अनुसार चयन होगा, जबकि एथलेटिक्स में रनिंग, जंप और थ्रो की प्रतिभा देखी जाएगी।

लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया मेरिट और पारदर्शिता पर टिकी है। योगी सरकार का यह कदम प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए संजीवनी है जो अपनी आंखों में पदक का सपना पाले हुए हैं।

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स्पोर्ट्स ​कॉलेज और उनके विशेष खेल

​लखनऊ : एथलेटिक्स, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और वॉलीबॉल।

​गोरखपुर : वॉलीबॉल, कुश्ती, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, हॉकी और जूडो।

​सैफई : एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी और तैराकी।

​फतेहपुर व सहारनपुर : केवल कक्षा 9 के लिए विशिष्ट खेल प्रशिक्षण।

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