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शेयर बाजार में फिर आया भूचाल… निवेशकों को लगा तगड़ा झटका, जानिए किन कारणों से आई इतनी गिरावट

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत और अमेरिका से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूटा और निफ्टी 25,600 के नीचे आ गया

बिजनेस डेस्क, 12 जनवरी 2026:

भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 25,600 के स्तर से नीचे आ गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार का माहौल बेहद दबाव में दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई और सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

आज सुबह करीब 09:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 423.18 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,153.06 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 130.55 अंक या 0.51 प्रतिशत टूटकर 25,552.75 पर आ गया। बाजार की इस कमजोरी ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी, क्योंकि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।

शेयर बाजार में जारी गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली सबसे अहम कारण रही। शुक्रवार 9 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने लगातार पांचवें दिन बिकवाली करते हुए करीब 3,769.31 करोड रुपये बाजार से निकाल लिए। जनवरी महीने में अब तक उन्होंने सिर्फ एक दिन को छोड़कर हर दिन बिकवाली की है। इस महीने कुल मिलाकर विदेशी निवेशक अब तक 12,189 करोड रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं, जिससे बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू होने की खबर ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी। पॉवेल के मुताबिक यह जांच इसलिए शुरू हुई है क्योंकि फेड ने ब्याज दरें तय करते समय राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकताओं की बजाय आम लोगों के हित को प्राथमिकता दी। इस खबर के बाद वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में तेज गिरावट आई और नैस्डेक फ्यूचर्स करीब 200 अंकों तक टूट गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता भी बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह बनी। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार के अनुसार, अमेरिका प्रशासन की उलझी हुई बयानबाजी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर ब्रेंट क्रूड 63.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं निवेशकों की घबराहट दिखाने वाला इंडिया VIX करीब 8.5 प्रतिशत उछलकर 11.94 तक पहुंच गया, जो बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के संकेत देता है।

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