लखनऊ, 4 फरवरी 2026:
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सियासत गरमा गई है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस समझौते पर केंद्र सरकार और भाजपा को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताने के सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा जिसे ‘डील’ कह रही है, वह असल में देशहित के साथ की गई ‘ढील’ है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत की करीब 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और अगर कोई भी समझौता किसानों, कृषि और डेयरी सेक्टर के लिए नुकसानदेह है तो वह देश के लिए कभी लाभकारी नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद के पटल पर कृषि और डेयरी को बचाने के झूठे दावे कर रही है। इनका संज्ञान भविष्य में लिया जाएगा और गलत साबित होने पर कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।
ये डील नहीं, ढील है।
भाजपा की उल्टी गणित से जनता फिर पूछ रही है : ज़ीरो (0) बड़ा या अठारह (18%)
इस देश में कोई भी डील जो 70% कृषि आधारित जनता के लिए हानिकारक है वो कभी लाभकारी साबित नहीं हो सकती है।
कृषि और डेयरी को बचाने का जो झूठ सदन के पटल पर बोला जा रहा है, उसका संज्ञान… pic.twitter.com/YXXbfhHhpK
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 4, 2026
सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि जब ट्रेड डील की शर्तें अभी तय ही नहीं हुई हैं और न ही उस पर हस्ताक्षर हुए हैं तो सरकार पहले से फायदे के दावे कैसे कर सकती है। उन्होंने कहा कि हर व्यापारिक समझौता लाभ-हानि की कसौटी पर परखा जाता है लेकिन यहां यह साफ नहीं है कि फायदा किसे होगा और नुकसान कौन उठाएगा।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपाई हानि का उत्सव न मनाएं। उन्होंने इसे आपदा बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग इसमें कमीशनखोरी के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता नहीं, समर्पण है। लोग कह रहे हैं कि भारत से 500 अरब डॉलर की रंगदारी वसूली जा रही है।
उन्होंने अमेरिका की कूटनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका अपनी नीति को अपने मुनाफे के हिसाब से ढाल रहा है। साथ ही भाजपा सरकार के दबदबे के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो इसे जीत बता रहे हैं, वे खुद दबे हुए हैं। उन्होंने तंज में यह भी पूछा कि भाजपा की उल्टी गणित में ज़ीरो बड़ा है या 18 प्रतिशत?






