प्रमोद पासी
उन्नाव, 19 फरवरी 2026:
क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के अचानक हमले से अफरा-तफरी मच गई। शुक्लागंज स्थित राहुल सप्रू स्टेडियम में अंडर-13 मुकाबला चल रहा था, तभी मधुमक्खियों का बड़ा झुंड मैदान में टूट पड़ा। इस घटना में सीनियर अंपायर मानिक गुप्ता की मौत हो गई, जबकि स्थानीय अंपायर समेत कई खिलाड़ी समेत 40 से 50 लोग घायल हो गए।
बताया गया कि स्टेडियम में अंडर-13 मैच एचए एकेडमी व एसएएस एकेडमी के बीच सामान्य रूप से चल रहा था। अंडर-13 मैच की वजह से दर्शकों में तमाम बच्चे भी शामिल थे। इसी दौरान खिलाड़ियों और स्टाफ पर मधुमक्खियों ने हमला शुरू कर दिया। डंक से बचने के लिए मैदान में मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अंपायर मानिक गुप्ता भी बचने के लिए दौड़े, लेकिन गिर पड़े और मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें 50 से अधिक डंक लगे और करीब दस मिनट तक हमला जारी रहा।
स्टेडियम की बाउंड्री वॉल से सटे बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा था। सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं लेकिन पूरा झुंड आक्रामक होकर हमला बोल देगा ये अंदाजा किसी को नहीं था। हमले में कई युवा खिलाड़ी, शुक्लागंज के स्थानीय अंपायर सुनील निषाद और ग्राउंड स्टाफ डंक का शिकार हुए। वहीं घायल खिलाड़ियों में कुछ कानपुर और कुछ लखनऊ के बताए जा रहे हैं। अधिकांश लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और सभी खतरे से बाहर हैं।
घटना के बाद घायल अंपायर को पहले शुक्लागंज के निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर रेफर किया गया, जहां से हैलट अस्पताल भेजा जा रहा था। रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कानपुर फीलखाना में रहने वाले उनके परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
मधुमक्खियों के हमले की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि सवाल ये जरूर उठा कि स्टेडियम जैसी जगह इतने बड़े छत्ते का निवारण पहले ही कर देना चाहिए था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मानिक गुप्ता अनुभवी और सम्मानित अंपायर थे। संगठन ने परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया।






